31 तक आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अपनी प्रॉपर्टी बताएंगे

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भोपाल। प्रदेश के 850 से अधिक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को 17 दिनों के अंदर अपनी और अपनी पत्नी के नाम पर मौजूद संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा। उन्हें बताना होगा कि देश के किसी भी राज्य या मध्यप्रदेश में उनके पास कितनी संपत्तियां हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि संपत्ति कब खरीदी गई, खरीदते समय उसका मूल्य कितना था और वर्तमान में उसका बाजार मूल्य क्या है इसी के साथ राज्य मंत्रालय ने प्रदेश के मंत्री स्टाफ में पदस्थ तृतीय श्रेणी कर्मचारियों से भी उनकी संपत्ति का ब्योरा इसी अवधि के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 459 आईएएस पदों में से 382 पद पर अधिकारी कार्यरत हैं। इसी तरह, 296 स्वीकृत आईएफएस पदों में से 215 पद पर आईएफएस और 319 स्वीकृत आईपीएस पदों में से 271 पदों पर आईपीएस कार्यरत हैं। अखिल भारतीय सेवाओं के इन अधिकारियों को वर्ष 2024 में खरीदी गई अचल संपत्तियों का ब्योरा शासन को प्रस्तुत करना होगा। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं, जिनके अनुसार आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए यह जानकारी देना अनिवार्य है। सभी अधिकारियों को 1 जनवरी से 31 जनवरी 2025 के बीच वर्ष 2024 की स्थिति में अपनी संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन तय फॉर्मेट में अपलोड करना होगा। इसके साथ ही, इस जानकारी की हार्ड कॉपी भी शासन को भेजनी होगी।

मंत्री स्टाफ को भी बताना होगी संपत्ति
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के साथ मंत्री स्टाफ में शामिल तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को भी उनकी संपत्ति का ब्योरा देने के लिए कहा गया है। मंत्रालय में जीएडी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि मंत्रालय में पदस्थ तृतीय श्रेणी कर्मचारी, सहायक अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टाइपिस्ट, तकनीकी संवर्ग के कर्मचारियों के साथ मंत्री स्थापना में पदस्थ मंत्रालयीन सेवा के तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 31 दिसम्बर 2024 की स्थिति में अपनी अचल सपत्ति की जानकारी देना होगा।

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