सैलरी न देने पर कोर्ट सख्त: फिटजी कोचिंग को 27 लाख रुपये चुकाने का आदेश

ग्वालियर
देशभर में अपनी शाखाओं के माध्यम से छात्रों से भारी फीस वसूलने और बाद में संस्थान बंद कर फरार होने वाले फिटजी कोचिंग संस्थान के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है।

ग्वालियर में स्थित न्यायालय नियंत्रक प्राधिकारी उपदान अधिनियम (सहायक श्रमायुक्त) नम्रता सोनी ने संस्थान को निर्देश दिया है कि वह अपने छह पूर्व कर्मचारियों को कुल 26,98,786 रुपये की राशि 10% वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे।

फिटजी ने ग्वालियर में भी सैकड़ों छात्रों से लाखों की फीस वसूली के बाद अचानक कोचिंग बंद कर दी थी। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न तो वेतन दिया गया और न ही ग्रेच्युटी या अन्य निर्धारित लाभ। इस अन्याय से पीड़ित होकर उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई।

मामले में कर्मचारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता निखिल शिवहरे ने बताया कि फिटजी संस्थान ने न केवल छात्रों बल्कि अपने ही वफादार कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की। ग्वालियर में वर्षों तक काम कर चुके इन कर्मचारियों को जब उचित वेतन और सेवा लाभ नहीं मिले तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।

श्रमायुक्त कार्यालय ने फिटजी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सहायक श्रमायुक्त ने संस्थान को भुगतान का आदेश दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित राशि पर साधारण ब्याज जोड़कर वसूली प्रमाण पत्र (RC) जारी किया जाएगा और कानूनी वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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