धौलपुर-बीना रेलमार्ग को मिलेगा AI का कवच, 300 करोड़ की लागत से टक्कररोधी तकनीक से होगा लैस

ग्वालियर
 उत्तर मध्य रेलवे के धौलपुर-बीना के 321 किमी लंबे रेल खंड को रेल दुर्घटना रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैस आधुनिक टक्कररोधी तकनीक कवच 4.0 से लैस किया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। संबंधित कंपनी ने प्राथमिक कार्य भी शुरू कर दिया है।

आधुनिक उपकरण इंस्टाल किए जाएंगे

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित कवच 4.0 के लिए ट्रैक किनारे व रेल स्लीपर में आधुनिक उपकरण भी इंस्टाल किए जाएंगे। कवच 4.0 को इंटरनेट से जोड़ने के लिए धौलपुर से मुरैना-ग्वालियर-झांसी होते हुए बीना के बीच 38 नए टावर लगाए जाएंगे। इसमें हर दस किलोमीटर की दूरी पर एक लांग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) टावर स्थापित किया जाएगा। इससे ट्रेन की हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी। एआई कवच से जोड़ने के लिए ट्रेन के इंजन पर भी एक टावर लगाया जाएगा। इसके साथ ही AI डिवाइस भी इंजन की कैब में लगाई जाएगी।

एक किलोमीटर के फासले पर डिवाइस लगेंगे

एआई कवच 4.0 का संपर्क ट्रेन से न टूटे, इसके लिए जिन सीमेंट के स्लीपर पर पटरी को बिछाया जाता है, उस पर भी हर एक किलोमीटर के फासले पर डिवाइस लगाई जाएगी। जब भी ट्रेन उस स्लीपर के ऊपर से निकलेगी, तो उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक अपने आप पहुंच जाएगी। कवच 4.0 ट्रेन को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही क्रासिंग पर होने वाले हादसों को रोकने में भी मददगार होगा। हर रेलवे क्रासिंग पर कवच के जरिए अपने आप हॉर्न बजने लगेगा। यदि सिग्नल लाल है और ट्रेन नहीं रुकती है, तो सिग्नल से 50 मीटर पहले ही AI ट्रेन को रोक देगा।

क्या है कवच 4.0?

रेलवे का कवच 4.0 पूरी तरह आटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह नई आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यह सिस्टम ट्रेन की निर्धारित गति से दो किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की स्पीड होने पर ओवर स्पीड अलार्म बजा देगा। अगर ट्रेन की निर्धारित स्पीड से पांच किमी प्रतिघंटा से ज्यादा होगी तो फिर आटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। अगर ट्रेन निर्धारित स्पीड से नौ किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की स्पीड पर पहुंचेगी तो फिर ऐसा होने पर खुद इमरजेंसी ब्रेक लग जाएंगे। कवच सिस्टम 4.0 पर इंटरलाकिंग लगाई गई है, जिससे अगले सिग्नल रेडियो वेव व इंटरनेट के जरिए से सीधे इंजन तक पहुंचेगी। कवच 4.0 का कार्य अक्टूबर से शुरू किया जाएगा और वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अब तक कवच तकनीक मुख्य रूप से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की टक्कर को रोकने पर केंद्रित रही है, लेकिन कवच 4.0 मानवीय भूल-चूक पर भी अंकुश लगाएगा। रेल मंडल झांसी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने कहा कि धौलपुर से ग्वालियर-झांसी होते हुए बीना रेल खंड पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त कवच 4.0 प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और काम अक्टूबर माह में शुरू हो जाएगा।

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