—श्योपुर में ह्यूमन रंगोली के जरिए वन्यजीव संरक्षण का संदेश, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की सराहना
प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने पर श्योपुर में एक हजार से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनभागीदारी और नारी शक्ति का प्रतीक बताया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेंगदा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं ने भाग लिया। महिलाओं और छात्राओं ने चीते के रंगों से मिलते-जुलते परिधान पहनकर विशाल आकृति तैयार की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क से चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत की थी। इसके बाद मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ के रूप में नई पहचान मिली है।
मादा चीता मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के अंतर्गत जन्मी पहली पीढ़ी की महत्वपूर्ण पहचान है। नवंबर 2025 में उसने पांच शावकों को जन्म दिया था। प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने वन्यजीव संरक्षण के साथ महिला सहभागिता का संदेश दिया।
दीपावली से पहले चंबल में औद्योगिक सम्मेलन
—सीएम की घोषणा,एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा
—क्षेत्र में 1500 करोड़ के निवेश की परियोजना पर काम जारी
ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नए उद्योगों की स्थापना, निवेश और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने लगभग 20 उद्यमियों से संवाद कर औद्योगिक विस्तार, निर्यात, रोजगार और विभागीय समन्वय की जानकारी ली। उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने तथा औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में बताया गया कि एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई के लिए लगभग 27 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। निर्माणाधीन परियोजना में करीब 1500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने ग्लास उद्योग को प्लास्टिक के पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।
बायोरा एनर्जी की बायोमास पैलेट्स निर्माण पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अवशेषों का औद्योगिक उपयोग किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी हो सकता है। वहीं सिनोरिया फार्मा की चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई में लगभग छह करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इकाई में दीपावली तक उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पोरसा और सबलगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बताईं। उन्होंने स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दिव्यांग बच्चों से मिले मुख्यमंत्री, सुविधाएं परखीं
—मुरैना पुनर्वास केंद्र में सहायक उपकरण बांटे, उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण पर किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र और उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 का निरीक्षण किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा एवं पुनर्वास सुविधाओं की जानकारी ली और विद्यार्थियों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्र में न्यूरोलॉजिकल पुनर्वास कक्ष, बाल पुनर्वास कक्ष, शिशु एवं बाल चिकित्सा उपचार कक्ष तथा विद्युत चिकित्सा कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों के उपचार, पुनर्वास और प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से बनाई गौशाला की पेंटिंग भेंट की। एक बच्चे ने सांकेतिक चित्रों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतीकों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, छड़ी, घुटनों के सहायक पट्टे, दृष्टिबाधितजनों के लिए विशेष छड़ी और श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 पहुंचे। उन्होंने कक्षाओं और विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों से विज्ञान तथा गुरुत्वाकर्षण से संबंधित प्रश्न पूछे और प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




