लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चार दिवसीय वियतनाम यात्रा को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ गया है। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शुरू हुई इस यात्रा पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने उनके बचाव में मोर्चा संभाल लिया है।
शशि थरूर का करारा जवाब
केरल दौरे के दौरान जब पत्रकारों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर से राहुल गांधी के विदेश जाने का कारण पूछा, तो उन्होंने सख्त लहजे में जवाब दिया। थरूर ने कहा कि वे कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं जो हर किसी की यात्रा का लेखा-जोखा रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में हर व्यक्ति का अपना कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए इस विषय पर सवाल-जवाब का कोई औचित्य नहीं बनता।
बीजेपी का आरोप: विदेशी ताकतों से सांठगांठ की कोशिश
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पर बड़ा जुबानी हमला बोला है। बीजेपी नेता संबित पात्रा और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में भ्रम का माहौल बनाने के बाद छुट्टियां मनाने चले गए हैं। पात्रा ने दावा किया कि यह महज एक साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि भारत में सत्ता परिवर्तन (रिजिम चेंज) और अराजकता फैलाने के लिए विदेशी विचारकों तथा समूहों से मार्गदर्शन लेने की एक कोशिश है।
कांग्रेस का पलटवार: बौद्धिक संवाद का हिस्सा
बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी की यात्रा का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शैक्षणिक और बौद्धिक जिम्मेदारियां हैं। दीक्षित के अनुसार, राहुल गांधी विदेशों में विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, विचारकों और वैश्विक मीडिया से संवाद स्थापित करते हैं, जिसे बीजेपी बेवजह राजनीतिक रंग देने में जुटी है।





