By: Ravindra Singh
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से कराए जा रहे टीनशेड निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बसंत यादव ने इन कार्यों में खर्च होने वाली राशि, निर्माण की गुणवत्ता और काम आवंटित करने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
DMF के खर्च और निर्माण एजेंसियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
बसंत यादव के मुताबिक, भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल और कोयलीबेड़ा समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में DMF की राशि से टीनशेड का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों पर करीब 50 से 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत बजट, वास्तविक खर्च, कार्यस्थल और निर्माण एजेंसी का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि खर्च और निर्माण की स्थिति का आकलन किया जा सके।
निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने पर जोर
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाकर चुनिंदा लोगों को काम सौंपे जाने की आशंका है। उन्होंने इस प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में नियमों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन होना चाहिए। उनके अनुसार, टीनशेड निर्माण की तकनीकी जांच से कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित परियोजनाओं की जांच कराने और काम आवंटित करने की प्रक्रिया में किसी भी संभावित अनियमितता की पड़ताल करने की अपील की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार खर्च हो DMF की राशि
बसंत यादव ने जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि टीनशेड निर्माण पर बड़ी राशि खर्च करने का निर्णय किन प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिया गया। कांग्रेस की मांग है कि DMF से स्वीकृत सभी टीनशेड परियोजनाओं की सूची, लागत, निर्माण एजेंसियों और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और निधि के उपयोग की समीक्षा स्थानीय जरूरतों के आधार पर की जाए। पार्टी का कहना है कि खनिज प्रभावित लोगों के विकास के लिए निर्धारित धनराशि का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से और जनहित की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।




