मुरैना में Pregacap-300 की बिक्री पर विवाद, बिना पर्चे दवा देने का वीडियो वायरल; ड्रग विभाग पर उठे सवाल

By: Ravindra Singh

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना में मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। Pregacap-300 टैबलेट को बिना डॉक्टर के पर्चे के बेचने का दावा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि शहर के कुछ मेडिकल स्टोर्स पर यह दवा निर्धारित कीमत से दो से तीन गुना अधिक दाम पर बेची जा रही है। इसके बाद दवाओं की बिक्री की निगरानी और ड्रग विभाग की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और दवाओं की कीमतों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

Pregacap-300 के इस्तेमाल और बिना पर्चे बिक्री को लेकर चिंता

Pregacap-300 को प्रीगाबालिन युक्त दवा बताया जा रहा है। प्रीगाबालिन का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर कुछ प्रकार के नसों के दर्द और अन्य निर्धारित चिकित्सकीय स्थितियों में किया जाता है। इस दवा का गलत तरीके से या निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन करने पर चक्कर आना, अत्यधिक नींद और अन्य गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कुछ दवाओं के साथ इसका सेवन सांस लेने में परेशानी जैसे जोखिम भी बढ़ा सकता है।

आरोप लगाए जा रहे हैं कि दवा की आसान उपलब्धता के कारण कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में दवा की बिक्री, चिकित्सकीय पर्चे की आवश्यकता और मेडिकल स्टोर्स की जिम्मेदारी की जांच जरूरी है। इस मामले में संबंधित दुकानों की भूमिका और बिक्री से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

टर्मिन इंजेक्शन जब्ती के बाद फिर चर्चा में आया दवाओं का दुरुपयोग

मुरैना में नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की बिक्री को लेकर पहले भी कार्रवाई की खबर सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए करीब 4.50 लाख रुपये के टर्मिन इंजेक्शन जब्त किए थे और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

अब Pregacap-300 की बिक्री से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद दवाओं के दुरुपयोग और उनकी उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। यह जांच का विषय है कि दवाओं की बिक्री किन परिस्थितियों में हो रही है और संबंधित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

नकली दवाओं के आरोप और ड्रग विभाग की निगरानी पर सवाल

मुरैना में नकली दवाओं की बिक्री को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। कुछ शिकायतों में दावा किया जा रहा है कि आगरा से नकली दवाएं लाकर ब्रांडेड कंपनियों की पैकिंग के जरिए बाजार में बेची जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए दवाओं के नमूनों की जांच, सप्लाई चेन की पड़ताल और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है।

मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण और दवाओं की बिक्री पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मामले की निष्पक्ष जांच करे और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल वायरल वीडियो, कथित अधिक कीमत पर बिक्री और नकली दवाओं से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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