₹10 और ₹20 के नोटों में बदलाव की तैयारी, बाजार में आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट; जानिए पूरी योजना

By: Ravindra Singh

भारतीय करेंसी को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का परीक्षण करने की तैयारी में है। पॉलिमर यानी विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बने ये नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना के तहत 1 अप्रैल 2027 से परीक्षण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख और आम लोगों तक नोट पहुंचने की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे मूल्य के उन नोटों की उम्र बढ़ाना है, जिनका इस्तेमाल रोजमर्रा के लेनदेन में बड़े पैमाने पर होता है। फिलहाल यह योजना परीक्षण के स्तर पर है। ऐसे में इसे पूरे देश में लागू करने की घोषणा मानना जल्दबाजी होगी।

₹10 और ₹20 के नोटों के ट्रायल की क्या है योजना?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पॉलिमर नोटों के परीक्षण के लिए करीब 200 करोड़ नोटों की योजना बनाई गई है। इसमें ₹10 के 100 करोड़ और ₹20 के 100 करोड़ नोट शामिल हो सकते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए यह जांचने की कोशिश की जाएगी कि भारत की जलवायु, नमी और रोजमर्रा के नकद लेनदेन में ये नोट कितने कारगर साबित होते हैं।

इस परियोजना से जुड़ी तैयारी में भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) की भूमिका भी बताई गई है। परीक्षण के दौरान नोटों की मजबूती, इस्तेमाल में आसानी और मशीनों के साथ उनकी अनुकूलता जैसे पहलुओं का आकलन किया जा सकता है।

हालांकि, ट्रायल की शुरुआत और नोटों के वितरण को लेकर अंतिम जानकारी के लिए RBI की आधिकारिक घोषणा महत्वपूर्ण होगी।

पुराने कागजी नोटों का क्या होगा?

प्लास्टिक के नोटों की संभावित शुरुआत को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि क्या मौजूदा ₹10 और ₹20 के कागजी नोट बंद हो जाएंगे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुराने नोटों को बंद करने की कोई पुष्टि नहीं है।

यदि पॉलिमर नोटों का परीक्षण शुरू होता है, तो पुराने कागजी नोटों का इस्तेमाल पहले की तरह जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को अपने पास मौजूद ₹10 और ₹20 के नोट बदलवाने की जरूरत नहीं होगी।

रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि नए नोटों का आकार मौजूदा नोटों के समान रखा जा सकता है। इससे नोट गिनने वाली मशीनों और अन्य बैंकिंग उपकरणों में बदलाव की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय परीक्षण के परिणामों पर निर्भर करेगा।

प्लास्टिक के नोटों से क्या होंगे फायदे?

पॉलिमर नोटों का सबसे बड़ा संभावित फायदा उनकी मजबूती और लंबी उम्र हो सकती है। कागजी नोट लगातार इस्तेमाल होने पर फट सकते हैं, मुड़ सकते हैं या नमी के कारण खराब हो सकते हैं। इसके मुकाबले पॉलिमर नोटों में पानी और सामान्य टूट-फूट से होने वाले नुकसान की आशंका कम हो सकती है।

यदि भारत में यह प्रयोग सफल रहता है, तो छोटे मूल्य के नोटों को बार-बार बदलने और उनकी छपाई पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। इससे करेंसी प्रबंधन को भी फायदा मिल सकता है।

फिलहाल ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों को पॉलिमर में बदलने की कोई पुष्ट योजना सामने नहीं आई है। इसलिए बड़े मूल्य के नोटों में बदलाव से जुड़ी खबरों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

आम लोगों के लिए जरूरी बात: ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों को लेकर फिलहाल परीक्षण की योजना की चर्चा है। 1 अप्रैल 2027 की संभावित तारीख और नोटों की उपलब्धता को लेकर अंतिम पुष्टि के लिए RBI की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। पुराने कागजी नोटों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

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