CAIT के मुताबिक, त्योहार पर खरीदारी से बाजार में आएगी तेजी, पुराने रिकॉर्ड टूटने की संभावना
महंगे सोने के बावजूद ग्राहकों का उत्साह बरकरार, 14 और 18 कैरेट के हल्के गहनों की बढ़ी मांग
मेड इन इंडिया उत्पादों और सेवा क्षेत्र के कारोबार से भी अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
धनतेरस के मौके पर देशभर के बाजारों में इस बार जबरदस्त खरीदारी होने की उम्मीद है। सोना-चांदी, आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामानों की मांग के चलते कारोबार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है। व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के शुरुआती अनुमान के अनुसार, शुक्रवार को धनतेरस पर देशभर में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो सकता है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रहने की संभावना है।
खास बात यह है कि सोने और चांदी की कीमतें ऊंची होने के बावजूद ग्राहकों की खरीदारी में उत्साह बना हुआ है। व्यापारियों को उम्मीद है कि शुभ खरीदारी की परंपरा और त्योहारी माहौल के चलते बाजारों में अच्छी रौनक देखने को मिलेगी।
सोना-चांदी की खरीदारी पर रहेगा सबसे ज्यादा जोर
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन आभूषण और कीमती धातुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। CAIT के अनुसार, इस बार सोने-चांदी की बिक्री 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) का भी कहना है कि कीमतों में तेजी के बावजूद कीमती धातुओं की मांग मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, सोने के महंगे होने से ग्राहकों की पसंद में बदलाव आया है। अब भारी आभूषणों की जगह हल्के वजन के गहनों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इससे लोग अपने बजट के मुताबिक खरीदारी कर पा रहे हैं।
14 और 18 कैरेट के गहनों की बढ़ी मांग
ज्वेलरी बाजार में इस बार 14 और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा चांदी के सिक्के, सजावटी सामान और मछली, कछुए तथा हाथी जैसी शुभ आकृतियों वाले उत्पाद भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। सोने की ऊंची कीमतों के बीच चांदी और हल्के वजन के गहने लोगों के लिए पसंदीदा विकल्प बन रहे हैं।
CAIT के मुताबिक, पिछले साल देश में त्योहारी सीजन के दौरान करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इसमें वस्तुओं की बिक्री से लगभग 5.40 लाख करोड़ रुपये और सेवाओं से करीब 65 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र का कारोबार 80 हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल, पर्यटन, खानपान और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
मेड इन इंडिया उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा
व्यापारियों के संगठन का मानना है कि इस बार स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों की मांग भी कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्राहक ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों से जुड़े उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
CAIT के अनुसार, कारोबार का शुरुआती अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले आंकड़ों, ग्राहकों की मांग और ग्रामीण व छोटे शहरों के बाजारों में बढ़ती गतिविधियों पर आधारित है। संगठन शुक्रवार को वास्तविक बिक्री और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद विस्तृत आंकड़े जारी करेगा।





