देवास। खातेगांव के थाना प्रभारी (टीआई) दिलीप पुरी हत्याकांड की जांच में पुलिस को शराब तस्करी के नेटवर्क और उसके आर्थिक लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने हरदा और टिमरनी में शराब दुकानों से संबंधित कार्यालयों पर लगातार दो दिन छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लाखों रुपये की नकदी और पार्टनरों के बीच मुनाफे के बंटवारे का हिसाब रखने वाली डायरी जब्त की है। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर शराब की बिक्री, टैक्स और मुनाफे के लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही है।
शराब कारोबार की डायरी और नकदी जब्त
एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, पहले से हिरासत में लिए गए पांच आरोपियों में से दो अस्पताल में हैं, जबकि तीन पुलिस रिमांड पर हैं। इस बीच टिमरनी शराब दुकान के एरिया मैनेजर भूपेंद्र राणा को भी गिरफ्तार कर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब की बिक्री, टैक्स और मुनाफे के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जिस बैच नंबर की शराब ट्रक में बरामद हुई थी, उससे संबंधित रिकॉर्ड भी इन कार्यालयों से मिला है। पुलिस इन दस्तावेजों के जरिए शराब कारोबार में शामिल लोगों और उनके बीच हुए आर्थिक लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
पत्नी के कियोस्क खाते से हुआ ट्रक फाइनेंसिंग का भुगतान
जांच में सामने आया है कि आरोपी केरम सिंह ने ट्रक की फाइनेंसिंग से जुड़ी रकम का भुगतान अपनी पत्नी के कियोस्क बैंक खाते के माध्यम से किया था। पुलिस अब इस खाते और उससे जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है।
वहीं, शराब को गुजरात तक पहुंचाने के नेटवर्क का पता लगाने के लिए ट्रक के फास्टैग का पिछले छह महीने का डेटा खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में इंदौर के महू, पीथमपुर और आलीराजपुर से होकर गुजरने वाला रूट सामने आया है। ट्रक में बदलाव करने वाले व्यक्ति की पहचान भी कर ली गई है और उससे पूछताछ की जा रही है।
बसों और संपत्तियों की भी जांच, कई आरोपी फरार
एसपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान राहुल जायसवाल ने पार्टनर के रूप में काम करने और बसों व पेट्रोल पंप के संचालन की बात कही थी। हालांकि, पेट्रोल पंप से संबंधित दस्तावेज आरोपियों के नाम पर नहीं मिले हैं। पुलिस अब राहुल और अन्य आरोपियों की संपत्ति तथा आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है। राहुल से जुड़ी कुछ बसें भी जब्त की गई हैं।
मामले में चार से पांच आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। उन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें इंदौर और अहमदाबाद सहित अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच का दायरा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और गुजरात तक शराब पहुंचाने के रास्तों की पड़ताल तक पहुंच गया है।




