
नई दिल्ली
कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच की तल्खी कुछ कम होती नजर आ रही है। कोरोना काल में कांग्रेस शासित राज्य भले ही मोदी सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगा रही हो लेकिन अरविंद केजरीवाल ने साफ किया है कि उन्हें मोदी सरकार से कोई शिकवा नहीं है। कोरोना और लॉकडाउन गाइडलाइंस पर बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि ढील जरूरी थी। उन्होंने प्रवासी मजदूरों पर बात करते हुए कहा कि एक दिन में दिल्ली से 50 से 100 ट्रेनें चलानी होंगी। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली एकसाथ 50 हजार कोरोना मरीज को हैंडल करने को तैयार है।
केंद्र ने नहीं किया सौतेला व्यवहार
पिछले एक दो महीने में कांग्रेस शासित और अन्य सरकारों वाले राज्यों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। लेकिन केजरीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ सौतेले व्यवहार जैसा कुछ नहीं किया। जब भी पीपीई किट, वेंटिलेटर जैसी कोई भी मदद मांगी गई तो केंद्र ने उन्हें दी। केजरीवाल ने कहा कि इसमें केंद्र से दोस्ती जैसा कुछ नहीं है। बस दिल्ली सरकार फिलहाल किसी विवाद में पड़ने की जगह कोरोना के खिलाफ जंग में ध्यान दे रही है।
रोज मिलें 50 से 10 ट्रेनें
एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए प्रवासी मजदूरों से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र से मजदूरों के लिए रोजाना 50 से 100 ट्रेनों की मांग करेगी क्योंकि 12-13 ट्रेनों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने बताया कि अबतक दिल्ली से 69 ट्रेनें चलाई गई हैं। लेकिन पिछले 4-5 दिनों में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने घर जाने के लिए अप्लाइ किया है। ऐसे में अगले तीन-चार दिन 50 से 100 ट्रेनें चलें तब स्थिति कंट्रोल में आएगी।