मणिपुर में हालात बिगड़ गए हैं। यहां आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद राज्यभर में हिंसा भड़क गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए रातोंरात सेना और असम राइफल्स की 55 टुकड़ियां तैनात कर दी गईं। जबकि सेना ने 14 टुकड़ियों को तैनाती के लिए तैयार रखा है। प्रदेश सरकार ने हालात के गंभीर होने की स्थिति में दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। बुधावर को बहुसंख्यक मैती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में नगा और कुकी आदिवासियों द्वारा बुधवार को दंगों की वजह से नौ हजार से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा
मेरठ के ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में नया मोड़, मुस्कान और साहिल की फांसी की सजा को हाई कोर्ट में चुनौती
इलाहाबाद हाई कोर्ट में दोषियों की अपील पर हुई सुनवाई मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने फांसी की सजा के खिलाफ इलाहाबाद…





