—नरसिंहपुर में 42.52 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण,8.19 लाख विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 502 करोड़ अंतरित
—35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 213.41 करोड़ की सामाजिक सुरक्षा पेंशन,जिले को 175.14 करोड़ के 31 विकास कार्यों की सौगात
— नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के उन्नयन के लिए 540 करोड़ देने की सीएम डॉ मोहन यादव ने की घोषणा
—नगर वन, गीता भवन, रेलवे स्टेशन तक पक्की सड़क और बरमान घाट पर रिवर फ्रंट बनाने का ऐलान
—अगले साल 12 नए मेडिकल कॉलेज और एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने रविवार को नरसिंहपुर में 42.52 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित शासकीय सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया..इस अवसर पर उन्होंने जिले को 175.14 करोड़ रुपये की लागत के 31 विकास कार्यों की सौगात दी। यहां हुए कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे और युवा देश तथा प्रदेश के सुनहरे भविष्य के सितारे हैं। उनकी शिक्षा, प्रतिभा और तरक्की के रास्ते में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के नए अवसर और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार के जरिए मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति और सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का समन्वित स्वरूप हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास का कारवां निरंतर आगे बढ़ता रहेगा और शिक्षा से लेकर रोजगार तक युवाओं के लिए नए रास्ते खोले जाएंगे।
8.19 लाख विद्यार्थियों की फीस के 502 करोड़ दिए
सीएम ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के 8 लाख 19 हजार विद्यार्थियों की स्कूल फीस प्रतिपूर्ति के लिए 502 करोड़ रुपये अंतरित किए। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 213.41 करोड़ रुपये की राशि भेजी। सरकार के इन फैसलों से स्कूली शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026 के अंतर्गत हितग्राहियों को नि:शुल्क रजिस्ट्री की प्रतियां भी प्रदान कीं। कार्यक्रम में स्वामित्व पंजीयन योजना के तहत दस हितग्राही समूहों को ई-रजिस्ट्री सौंपी गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता और अन्य लाभ वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालय की 15 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर बस सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर स्कूल भवन के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।
गुरुकुल परंपरा का आधुनिक स्वरूप सांदीपनि स्कूल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु हो तो सांदीपनि जैसा, शिष्य हो तो कृष्ण जैसा और मित्रता हो तो कृष्ण-सुदामा जैसी। सांदीपनि विद्यालय हमारी प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का आधुनिक स्वरूप हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक स्कूल भवन, बस, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और साइकिल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि तथा स्कूल टॉपर्स को स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की भावना को सफलता का आधार बताते हुए अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य तय करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में आगे बढ़ने की क्षमता होती है। सही दिशा में किए गए प्रयास सफलता का रास्ता खोलते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियां किसी भी विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बनें। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 375 सांदीपनि विद्यालय बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
अगले साल एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और चिकित्सा शिक्षा को लेकर सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को युवा वर्ष घोषित किया गया है। अगले वर्ष पीएससी की परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 85 हजार नई नियुक्तियां की गई हैं और जल्द ही एक लाख से अधिक नए पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इससे चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 14 प्रतिशत से कम से शून्य पर आने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़कर उनकी शिक्षा पूरी कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्रदेश के विकास की मजबूत नींव है।
नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के लिए 540 करोड़ की घोषणा
मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर जिले के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने नरसिंहपुर से पिपरिया मार्ग के उन्नयन के लिए 540 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही सुगम होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर नगरपालिका क्षेत्र में खैरीनाका से रेलवे स्टेशन तक पक्की और सुसज्जित सड़क बनाने, नगर वन कॉरिडोर विकसित करने तथा नगर क्षेत्र में गीता भवन बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही नर्मदा नदी के बरमान घाट पर रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं से शहर की सुविधाओं, पर्यावरण और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने जिले के सभी विकासखंडों में पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित करने की घोषणा भी की। प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर आने वाले को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि नरसिंहपुर को जबलपुर मेट्रोपोलिटन एरिया का लाभ मिलेगा। जिले के 50 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 23.17 करोड़ रुपये की लागत से नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में जिले की चार सड़कों और शासकीय हाईस्कूल कल्याणपुर का लोकार्पण भी किया गया। इसके अलावा लगभग 95 करोड़ रुपये की लागत के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
किसानों,बहनों और जरूरतमंदों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के कल्याण के लिए काम कर रही हैं। प्रदेश में लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है, जबकि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि और ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 50 लाख संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प लिया है। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ राज्य में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक विकास और अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष किसानों को गेहूं की खरीद पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया। उन्होंने जल संरक्षण और पेयजल सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत करीब 10 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। पात्र हितग्राहियों को ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का भी लाभ दिया जा रहा है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए नदी जोड़ो अभियान भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश इस लक्ष्य को हासिल करने में हर कदम पर सहयोग कर रहा है। भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। खेलों में भी देश का प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक हासिल किए, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग पांच लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन संचालित हो रही है तथा नए हवाई अड्डों के विकास से एयर कनेक्टिविटी बढ़ रही है। रीवा, सतना और दतिया को एयरपोर्ट की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और नागरिक तक पहुंचे।
नक्सलवाद और दस्यु समस्या मप से समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जैसे जिले लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहे। इससे इन क्षेत्रों के विकास पर असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। इसी तरह चंबल क्षेत्र में दस्यु समस्या का समाधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार ऐसे क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि मां नर्मदा की कृपा से यह क्षेत्र विशेष महत्व रखता है। यह आदिगुरु शंकराचार्य की तपस्थली, महर्षि महेश योगी की ध्यानस्थली और वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मस्थली से जुड़ी परंपराओं का क्षेत्र है। आचार्य रजनीश ओशो का भी नरसिंहपुर से विशेष जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए पर्व को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाने का संदेश दिया।
योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रशांत कुर्मी को दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट के लिए 51 लाख रुपये की सहायता दी गई। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत देवेश जाट को 42 लाख रुपये और संदीप मिश्रा को 36 लाख रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया।उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के तहत राजजीत धनोरिया को 22 लाख रुपये और सत्यम सोनी को 9.35 लाख रुपये की सहायता दी गई। आजीविका मिशन के अंतर्गत रेवा, अदिति, परी और राधा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हितग्राहियों को सीसीएल का लाभ वितरित किया गया। राजस्व विभाग की स्वामित्व पंजीयन योजना के अंतर्गत दस हितग्राही समूहों को ई-रजिस्ट्री प्रदान की गई। इस योजना के तहत लाभार्थियों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, जिससे उनके मालिकाना अधिकारों के अभिलेख मजबूत हो सकें।
विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालय के नए भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं, पुस्तकालय, संगीत कक्ष और प्रयोगशाला सहित शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए शैक्षणिक वातावरण और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। विद्यालय परिसर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर और पोषण प्रदर्शनी में भी मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों का सम्मान किया तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को सामग्री भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नरसिंहपुर के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय भवन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का विकास बेहतर वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत सुधारों के बिना संभव नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए इस वर्ष साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन की सुविधा से स्कूली बच्चों को भी लाभ मिलेगा।
नर्मदापुरम के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने शिक्षा और कृषि क्षेत्र में प्रदेश में हुए कार्यों का उल्लेख किया। पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल ने युवाओं को आगे बढ़ाने और नशे के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर गन्ना उत्पादक किसानों का प्रमुख जिला है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में विधायक महेंद्र नागेश, महिला आयोग की सदस्य साधना स्थापक, देवीसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति नीलेश काकोडिया, रामस्नेही पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




