भिंड: शेरपुर पंचायत में कचरा वाहन खरीदी पर उठे सवाल, 8 लाख के वाहन के लिए खर्च किए 13.60 लाख रुपये

By: Ravindra Singh

भिंड जिले की गोहद जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत शेरपुर में कचरा वाहन की खरीद को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि करीब 8 लाख रुपये कीमत के कचरा वाहन को 13 लाख 60 हजार रुपये में खरीदा गया। मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष कालीचरण तोमर ने जनपद से लेकर जिला स्तर तक शिकायत की है। वहीं, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पांचवें वित्त आयोग की राशि से इस तरह की खरीद किए जाने पर सवाल उठाए हैं।

शेरपुर ग्राम पंचायत में कचरा वाहन की खरीद पर विवाद

भिंड जिले की गोहद जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत शेरपुर में कचरा वाहन की खरीदी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पंचायत स्तर पर वाहन की खरीद निर्धारित कीमत से अधिक राशि में की गई। करीब 8 लाख रुपये कीमत वाले वाहन के लिए 13 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है।

इस खरीद को लेकर पंचायत के वित्तीय प्रबंधन और प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वाहन की वास्तविक बाजार कीमत, खरीद से जुड़े दस्तावेज और भुगतान की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच के बाद ही अनियमितता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जनपद अध्यक्ष कालीचरण तोमर ने की शिकायत

मामले को गंभीर मानते हुए गोहद जनपद पंचायत के अध्यक्ष कालीचरण तोमर ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। बताया गया है कि उन्होंने जनपद स्तर से लेकर जिला स्तर तक इस मामले को उठाया है।

शिकायत के जरिए कचरा वाहन की खरीद में खर्च की गई राशि, खरीद प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच किए जाने की मांग की गई है। अब इस मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।

सरपंच और सचिव की भूमिका पर उठे सवाल

कचरा वाहन की खरीद में कथित तौर पर अधिक राशि खर्च किए जाने के बाद ग्राम पंचायत शेरपुर के सरपंच और सचिव की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि अभी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के परीक्षण से होनी बाकी है।

मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वाहन की खरीद किस प्रक्रिया के तहत की गई, किस मद से भुगतान किया गया और स्वीकृत राशि कितनी थी। खरीद से संबंधित बिल, भुगतान रिकॉर्ड, स्वीकृति आदेश और वाहन की वास्तविक कीमत की जांच से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

पांचवें वित्त आयोग की राशि से खरीद पर CEO ने उठाए सवाल

मामले के संबंध में गोहद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कहना है कि पांचवें वित्त आयोग की राशि से इस प्रकार वाहन की खरीद नहीं की जा सकती। उनके इस बयान के बाद खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित वित्तीय नियमों के पालन को लेकर सवाल और महत्वपूर्ण हो गए हैं।

अब यह देखना होगा कि शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी क्या जांच करते हैं और ग्राम पंचायत के खरीद संबंधी दस्तावेजों में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

ग्राम पंचायत शेरपुर में कचरा वाहन की खरीद का मामला अब शिकायत और प्रशासनिक जांच के दायरे में है। एक ओर वाहन की कीमत और खर्च की गई राशि को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पांचवें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर भी आपत्ति सामने आई है।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है। जांच के निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।

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