राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ कलेक्ट्रेट स्थित नायब तहसीलदार कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। जमानत कराने के नाम पर एक क्लर्क द्वारा 3 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी मिलते ही वकील कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जमकर विरोध जताया। वकीलों ने नायब तहसीलदार मनोहर कुल्हारे के कहने पर पैसे लेने का भी आरोप लगाया है।
जमानत के नाम पर पैसे लेने का आरोप, वकीलों ने किया विरोध
जानकारी के अनुसार, कथित रूप से 3 हजार रुपये की वसूली की शिकायत सामने आने के बाद बड़ी संख्या में वकील कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और मामले में कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के बाद बंद कमरे में संबंधित क्लर्क द्वारा कथित तौर पर 3 हजार रुपये वापस किए जाने का दावा किया गया है। रकम लौटाने के दौरान हुई बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश दशरिया ने नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वकील उग्र आंदोलन करेंगे। वकीलों ने कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि संबंधित कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो दोनों कर्मचारियों को पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच के बाद ही कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




