: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद ममता बनर्जी के तेवर कुछ ढीले पड़े हैं। अब तक कांग्रेस के बारे में बात नहीं करने वाली दीदी इस पार्टी का समर्थन करने को तैयार हो गई है, लेकिन एक शर्त भी रखी है।
कांग्रेस पर ममता बनर्जी का बयान
‘जिन राज्यों में कांग्रेस मजबूत हैं, वहां उसे ही भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहिए। हम उसका समर्थन करेंगे, लेकिन कांग्रेस को भी अन्य विरोधी राजनीतिक दलों के प्रति समान रवैया अपनाना होगा। कांग्रेस की नीति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि तृणमूल कर्नाटक में उसका समर्थन करे और वह बंगाल में तृणमूल से ही लड़े। अगर आप कुछ अच्छा हासिल करना चाहते हैं तो कुछ जगहों पर आपको भी त्याग करना पड़ेगा।’
दीदी ने आगे कहा, ‘मिशन 2024 को लेकर तृणमूल के अनुमान के मुताबिक, कांग्रेस करीब 200 सीटों पर मजबूत है। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी मजबूत है और हमें वहां उसका समर्थन करना चाहिए। हालांकि, मैं यह नहीं कह रही कि कांग्रेस को वहां लड़ाई नहीं करनी चाहिए। हम इस बारे में बातचीत कर सकते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी का समर्थन किया जाना चाहिए। बंगाल में तृणमूल और बिहार में जदयू-राजद गठबंधन का समर्थन होना चाहिए। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, इसलिए वे अपने अनुसार निर्णय ले सकते हैं।
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