उद्योगों को बढ़ावा: मोहन सरकार देगी फ्री प्लॉट, स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क भी माफ

भोपाल 

 उद्योगपतियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। बाबई-मोहासा के उद्योगपतियों को सरकार कुल कीमत की 25 फीसद प्रीमियम राशि जमा करने पर भूखंड (प्लॉट) आवंटित करेंगी। विकास शुल्क की राशि 20 समान किश्तों में देने की छूट दी जाएगी।

इन्हें स्टाप ड्यूटी व पंजीयन शुल्क में 100 फीसद छूट दी जाएगी, लेकिन पहले उद्योगपतियों को ही उक्त शुल्क का वहन करना पड़ेगा, बाद में सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करेगी। जबकि पानी की उपलब्धता 25 रुपए प्रति किलो लीटर की दर पर दी जाएगी। वहीं विक्रम उद्योगपुरी के लिए 7 गांवों के किसानों व अन्य लोगों की अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मुआवजे की अंतर के 235 करोड़ रुपए सरकार व एमपीआइडीसी द्वारा वहन किए जाएंगे।

विधेयक को मंजूरी मिली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक विधानसभा परिसर में हुई। बैठक में मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण संशोधन विधेयक 2025, मध्यप्रदेश में समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहायता तथा विधिक सलाह संशोधन (निरसन) विधेयक को मंजूरी दी।

जन विश्वास संसोधन विधेयक, मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 में संशोधन, कारखाना अधिनियम मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक 2025, मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 13 में आवश्यक संशोधन संबंधी मध्यप्रदेश कराधन (संशोधन) विधेयक 2025 का अनुमोदन एवं विधानसभा में विधेयक स्थापित किए जाने के लिए प्रशासकीय विभाग को अधिकृत करने का निर्णय लिया।

 उद्योगपतियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। बाबई-मोहासा के उद्योगपतियों को सरकार कुल कीमत की 25 फीसद प्रीमियम राशि जमा करने पर भूखंड (प्लॉट) आवंटित करेंगी। विकास शुल्क की राशि 20 समान किश्तों में देने की छूट दी जाएगी।

इन्हें स्टाप ड्यूटी व पंजीयन शुल्क में 100 फीसद छूट दी जाएगी, लेकिन पहले उद्योगपतियों को ही उक्त शुल्क का वहन करना पड़ेगा, बाद में सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करेगी। जबकि पानी की उपलब्धता 25 रुपए प्रति किलो लीटर की दर पर दी जाएगी। वहीं विक्रम उद्योगपुरी के लिए 7 गांवों के किसानों व अन्य लोगों की अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मुआवजे की अंतर के 235 करोड़ रुपए सरकार व एमपीआइडीसी द्वारा वहन किए जाएंगे।

विधेयक को मंजूरी मिली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक विधानसभा परिसर में हुई। बैठक में मध्यप्रदेश माध्यस्थम अधिकरण संशोधन विधेयक 2025, मध्यप्रदेश में समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहायता तथा विधिक सलाह संशोधन (निरसन) विधेयक को मंजूरी दी।

जन विश्वास संसोधन विधेयक, मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 में संशोधन, कारखाना अधिनियम मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक 2025, मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 13 में आवश्यक संशोधन संबंधी मध्यप्रदेश कराधन (संशोधन) विधेयक 2025 का अनुमोदन एवं विधानसभा में विधेयक स्थापित किए जाने के लिए प्रशासकीय विभाग को अधिकृत करने का निर्णय लिया।

 

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