मोहन कैबिनेट की बैठक में 21 प्रस्तावों पर मंथन, गेहूं से लेकर नई नियुक्तियों तक अहम फैसलों की उम्मीद

By: Ravindra Singh

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है। बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इनमें वर्ष 2020-21 में खरीदे गए चमकविहीन गेहूं के निपटारे, चार जिलों में शिक्षा विभाग के नए पदों के सृजन, सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने और सरकारी योजनाओं की अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, इलाज के बिलों की मंजूरी और रिटायर्ड अधिकारियों को संविदा पर नियुक्त करने के प्रस्ताव भी चर्चा के लिए रखे जाएंगे। इन प्रस्तावों पर होने वाले फैसलों का असर प्रदेश के विभिन्न विभागों और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।

छह साल पुराने गेहूं के निपटारे पर हो सकता है फैसला

कैबिनेट बैठक में वर्ष 2020-21 के दौरान खरीदे गए चमकविहीन गेहूं के निपटारे से संबंधित पुराना मामला प्रमुखता से उठेगा। उस समय लगभग 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निपटारे की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आगे की कार्रवाई प्रस्तावित थी।

अब सरकार के सामने करीब 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निपटारे को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए पहले से की गई कार्रवाई पर कार्योत्तर स्वीकृति लेने की तैयारी है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर इस लंबे समय से लंबित मामले को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।

चार जिलों में शिक्षा विभाग के नए पदों को मंजूरी संभव

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से चार जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के संचालन के लिए नए पद स्वीकृत करने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसमें निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिले शामिल हैं।

इन जिलों में प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से पदों की आवश्यकता बताई गई है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। स्वीकृति मिलने की स्थिति में संबंधित जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

तीन सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने पर चर्चा

जल संसाधन विभाग की ओर से सिंचाई से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स, चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना और पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स से संबंधित मामले रखे जाएंगे।

इसके साथ ही पांच साल की अवधि वाली एक वृहद सिंचाई परियोजना को आगे जारी रखने के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। इन परियोजनाओं की निरंतरता को लेकर कैबिनेट में निर्णय लिए जाने की संभावना है।

वन संरक्षण के लिए CAMPA की वार्षिक कार्ययोजना पर विचार

वन विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा। यह योजना CAMPA निधि से संबंधित है, जिसका उपयोग वन संरक्षण, वनीकरण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न कार्यों में किया जाता है।

कैबिनेट बैठक में इस कार्ययोजना पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

पेंशन और वेतनवृद्धि से जुड़े पुराने मामलों पर नजर

बैठक में सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों से संबंधित कुछ पुराने मामले भी शामिल किए गए हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की ओर से सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार की पेंशन से संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा। इसमें देय पेंशन की वापसी के मुद्दे पर विचार किया जाना है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सहायक यंत्रियों से संबंधित मामलों पर भी चर्चा होगी। इनमें बड़वानी जिले की जनपद पंचायत निवाली से जुड़ा प्रकरण शामिल है।

वहीं, गृह विभाग की ओर से पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से संबंधित पुराने मामले पर विचार किया जाएगा।

अधिकारियों और कर्मचारियों के इलाज के बिलों पर फैसला संभव

कैबिनेट में चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़े कुछ प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। इनमें छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल के उपचार खर्च से संबंधित मामला शामिल है।

इसके अलावा दिवंगत आरक्षक अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पताल में हुए इलाज के खर्च को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चिकित्सा खर्च से संबंधित मामले पर भी विचार होना है।

इन प्रस्तावों पर निर्णय होने के बाद संबंधित चिकित्सा देयकों के निपटारे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

सरकारी योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का प्रस्ताव

राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता भी बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह अवधि 16वें केंद्रीय वित्त आयोग से संबंधित है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हुई है।

इसके अलावा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की योजनाओं पर भी विचार किया जाएगा। दोनों विभागों की स्थापना और कार्यालय संचालन से जुड़े कुल सात स्वीकृत मदों को जारी रखने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है।

EOW के वेतन-भत्तों और भवन निर्माण पर चर्चा

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, प्रशासनिक भवन के निर्माण और विभागीय संपत्तियों के रखरखाव से संबंधित योजनाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भेजा गया है।

बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार कर आगे की प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।

रिटायर्ड अधिकारियों को संविदा नियुक्ति देने पर विचार

कैबिनेट बैठक में सेवानिवृत्त अधिकारियों की संविदा नियुक्तियों से संबंधित प्रस्ताव भी चर्चा का विषय होंगे। इनमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव शामिल है।

इसके अलावा नर्मदा घाटी विकास विभाग के शिकायत निवारण प्राधिकरण में सदस्य न्यायिक पद पर संविदा नियुक्ति से जुड़े मामले पर भी विचार किया जाएगा।

संस्कृति विभाग में सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संविदा आधार पर अनुभाग अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है।

मोहन कैबिनेट की बैठक में इन मुद्दों पर रहेगी खास नजर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में गेहूं के पुराने मामले से लेकर शिक्षा विभाग में नए पदों के सृजन, सिंचाई परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं की निरंतरता और संविदा नियुक्तियों तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

हालांकि, बैठक में रखे जाने वाले ये प्रस्ताव फिलहाल संभावित एजेंडे का हिस्सा हैं। इन पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की चर्चा और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए सभी प्रस्तावों को स्वीकृत फैसला मानने के बजाय बैठक के आधिकारिक निर्णयों का इंतजार करना जरूरी है।

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