—‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भोपाल, इंदौर और जबलपुर में जुटेंगे कार्यकर्ता,राज्यसभा उम्मीदवारों के पैनल पर बनी सहमति
भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में सोमवार को संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में की गई टिप्पणी की बैठक में निंदा की गई और निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। खंडेलवाल ने इसे राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस के रवैये के विरोध में भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना है। इन रैलियों में करीब एक लाख लोगों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्यसभा के लिए चार-पांच नामों पर चर्चा
खंडेलवाल ने बताया कि राज्यसभा की रिक्त एक सीट के लिए उम्मीदवार के चयन पर कोर कमेटी में विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश और प्रदेश के बाहर के संभावित उम्मीदवारों सहित चार-पांच नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने पर सहमति बनी है। अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित केंद्रीय योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में संबंधित विभागों के मंत्रियों की टीमें बनाई जाएंगी। साथ ही केंद्र के प्रत्येक मंत्रालय के साथ एक-एक सांसद को जोड़ने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा, ताकि मंत्री, सांसद और अधिकारी मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन को गति दे सकें।
बिरसा मुंडा जयंती और सरकार के तीन साल पर भी चर्चा
बैठक में 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। जनजातीय समाज के योगदान और बिरसा मुंडा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। खंडेलवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार हुआ। मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के कार्यों एवं उपलब्धियों को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ।




