—MP के 300 से ज्यादा शामिल,भोपाल-इंदौर के 120 करीब लोगों की वापसी अटकी
—सैन्य तनाव और सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द,रोजाना हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द होने के चलते उमराह करने सऊदी अरब गए करीब 4 हजार भारतीयों की स्वदेश वापसी प्रभावित हुई है। इनमें मध्यप्रदेश के 300 से अधिक और भोपाल-इंदौर के 120 से ज्यादा यात्रियों के फंसे होने की आशंका है। यात्रियों को होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन पर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 4 से 5 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
मप्र कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल हेल्पलाइन जारी करने और वीजा अवधि बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय कर वैकल्पिक उड़ानों या विशेष विमानों की व्यवस्था करनी चाहिए।
भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह के लिए मदीना गए हैं। उनकी 29 अक्टूबर की इंडिगो उड़ान रद्द होने के बाद अब तक दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी है। ट्रैवल एजेंसी दूसरे देश के रास्ते वापसी का विकल्प तलाश रही है, जिस पर परिवार को पुराने टिकट के अलावा 20 से 22 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद-दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक और जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित रखने की घोषणा की है। पात्र यात्रियों को निर्धारित शर्तों के तहत मुफ्त रीबुकिंग और टिकट रद्द कराने पर पूरा रिफंड दिया जा रहा है। वहीं, अकासा एयर ने जेद्दा की उड़ानें 10 नवंबर और रियाद की उड़ानें 30 नवंबर तक निलंबित रखने की घोषणा की है। हालांकि, रिफंड मिलने के बावजूद वैकल्पिक उड़ानों में सीट मिलना मुश्किल बना हुआ है।
बताया गया कि कई यात्रियों को महंगे टिकट खरीदकर लौटने का इंतजाम करना पड़ा। उन्होंने प्रभावित टूर ऑपरेटरों के नुकसान की भरपाई की भी मांग की। क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बीच यात्रियों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि मप्र सरकार की इस दिशा में सकारात्मक पहल सामने आई है..सरकार का प्रयास है कि यात्री जल्द वापस सुरक्षित लौटें.




