इलाहाबाद हाई कोर्ट में दोषियों की अपील पर हुई सुनवाई
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने फांसी की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि और मृत्युदंड के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की है। 27 अक्टूबर को जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 की तारीख तय की है।
14 अक्टूबर को सुनाई गई थी फांसी की सजा
सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में जिला अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई थी। करीब 13 महीने चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान 127 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सजा सुनाए जाने से एक दिन पहले दोनों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था। जब न्यायाधीश ने उनसे सजा के संबंध में कुछ कहने के लिए पूछा, तो दोनों ने कोई टिप्पणी नहीं की।
मार्च 2025 में हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, सौरभ को अपनी पत्नी मुस्कान और साहिल के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसके बाद 3 मार्च 2025 की रात दोनों ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी। शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट से बंद कर दिया गया, ताकि वारदात का पता न चल सके।
शव मिलने के बाद सामने आया था हत्याकांड
हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला-मनाली घूमने चली गई थी। आरोप है कि उसने सौरभ के फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर उसके जीवित होने का भ्रम बनाए रखा। 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई राहुल को घर में साहिल की मौजूदगी और दुर्गंध के कारण शक हुआ। पुलिस की तलाशी के दौरान नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद हुए, जिसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। अब दोनों ने जिला अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।




