इंदौर अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0: MP में 2047 तक 20 लाख रोजगार का लक्ष्य, 15 नई टाउनशिप बसाने की तैयारी

By: Ravindra Singh

इंदौर। मध्य प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने और निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2047 तक का विजन पेश किया है। बुधवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ करते हुए उन्होंने इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया। इसके साथ ही इंदौर फ्यूचर सिटी के लिए करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में विकास की परिकल्पना, 20 लाख रोजगार के अवसर तैयार करने और प्रदेश में 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य सामने रखा गया।

इंदौर फ्यूचर सिटी से 20 लाख रोजगार की उम्मीद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहरों का विकास केवल आवासीय कॉलोनियां बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्रों के रूप में तैयार करना जरूरी है। इसी दिशा में इंदौर फ्यूचर सिटी के लिए लगभग 5 हजार एकड़ क्षेत्र में विकास की योजना बनाई गई है।

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में 20 लाख रोजगार के अवसर तैयार करना है। इसके अलावा 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने और 25 से 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विस्तार की योजना पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के माध्यम से आवास, सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया। कार्यक्रम में शहरी सुविधाओं के आधुनिकीकरण और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

भोपाल, इंदौर और उज्जैन बनेंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी

मुख्यमंत्री ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। इसके लिए बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक परिवहन, औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। शहरों के मास्टर प्लान, विकास गलियारों और शहरी पुनर्विकास से जुड़े प्रस्ताव भी कॉन्क्लेव में चर्चा का हिस्सा रहे।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में हर साल करीब 7 करोड़ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महाकाल महालोक के विकास से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। धार्मिक स्थलों के विकास के लिए टेंपल बॉन्ड जैसे वित्तीय विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

इसके अलावा ग्रीन एनर्जी बॉन्ड, सौर ऊर्जा, कचरे से बिजली बनाने वाली परियोजनाओं और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए शहरी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई।

सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी पर फोकस

अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा, वाटर मैनेजमेंट, GIS तकनीक और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। सरकार का जोर आधुनिक तकनीक और निजी निवेश के सहयोग से शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को पर्यटन और कारोबार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इंदौर से अबू धाबी की उड़ान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस उड़ान के लिए राज्य सरकार प्रति उड़ान 15 लाख रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग दे रही है। भविष्य में बैंकॉक के लिए उड़ान और भोपाल से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने और लगभग 75 हजार करोड़ रुपये के निर्यात का भी जिक्र किया। सरकार की कोशिश शहरी विकास की योजनाओं को निवेश, उद्योग और रोजगार से जोड़कर मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

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