तनाव बढ़ा सकता है उत्तर कोरिया का टैक्टिकल गाइडेड हथियार का टेस्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सिंगापुर व हनोई शिखर वार्ताओं के बावजूद उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील न मिलने से बौखलाए नेता किम जोंग-उन ने लंबे अर्से बाद एक बार फिर ‘टैक्टिकल गाइडेड हथियार’ का परीक्षण किया है। यह हथियार शक्तिशाली आयुधों से लैस बताया जा रहा है लेकिन इसके मिसाइल होने में संदेह है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन खुद इस दौरान मौके पर मौजूद रहे और उनकी निगरानी में ही सब कुछ हुआ। किम जोंग ने इसे देश के लिए अहम पल बताया। जबकि इस परीक्षण से कोरियाई प्रायद्वीप और अमेरिकी रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने आगे होकर नए हथियार के विकास और उसके परीक्षण की जानकारी दी। इस टेस्ट फायर की कमांड खुद किम जोंग ने दी। परीक्षण के दौरान कई निशानों पर अलग-अलग ढंग से फायरिंग की गई। बृहस्पतिवार को किम ने एयर एंड एंटी-एयरक्राफ्ट फोर्स के बेस का दौरा भी किया। किम ने कहा, इस प्रोजेक्ट का सफन विकास उत्तर कोरिया की युद्धक क्षमता के लिए बेहद अहम लम्हा है। माना जा रहा है कि किम इस रणनीतिक हथियार का परीक्षण नवंबर 2018 में करना चाह रहे थे लेकिन ट्रंप से वार्ता के चलते इसे टाल दिया गया था।

टीम का हौसला बढ़ाते रहे किम

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन खुद ऑब्जर्वेशन पोस्ट पर खड़े रहकर हथियार निर्माता टीम का हौसला बढ़ा रहे थे। किम उत्तर कोरिया को हथियारों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। किम ने कहा कि सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में यह परीक्षण कारगर होगा। उन्होंने कहा, ‘हमारे वैज्ञानिक, इंजीनियर्स और श्रमिक वास्तव में महान हैं। अगर वे चाहें तो किसी भी हथियार का निर्माण करने में सक्षम हैं।’

किसी मिसाइल का नहीं हुआ परीक्षण

दक्षिण कोरिया के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि हमारे राडार ने ऐसा कुछ भी दर्ज नहीं किया जिससे पता चलता हो कि उत्तर कोरिया ने किसी मिसाइल का परीक्षण किया है। उसने दावा किया कि यदि पड़ोसी देश मिसाइल टेस्ट करता तो हमारे रडार पर दिख जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने भी उसकी उत्तरी कमांड को मिसाइल परीक्षण न होने की पुष्टि की है।

गैर लड़ाकू विमान से मार करेगा हथियार

टैक्टिकल या रणनीतिक हथियार ऐसे परमाणु हथियारों को कहा जाता है जो युद्ध टालने या लड़ाई के दौरान दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर करने के लिए इस्तेमाल होते हैं। इन हथियारों से लैस देश आम तौर पर तनाव की स्थिति में भी एक दूसरे के साथ सैन्य टकराव टालने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की तरफ से किए गए हथियार परीक्षण बेहद शक्तिशाली और दूर तक मार करने वाला है। उन्होंने आगे बताया कि यह बैलिस्टिक मिसाइल नहीं बल्कि गैर लड़ाकू विमान से मार करने वाला हथियार है।

  • Related Posts

    बागेश्वर बाबा का बड़ा बयान: ‘हिंदुओं को मुसलमानों और ईसाइयों से नहीं, हिंदुओं से ही ज्यादा खतरा’

    मां पीतांबरा पीठ पहुंचकर की पूजा-अर्चना दतिया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुधवार सुबह करीब 11 बजे दतिया स्थित विश्वविख्यात मां पीतांबरा पीठ पहुंचे। यहां उन्होंने मां…

    78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास..77.64 लाख जुर्माना..चौंक गए न आप..

    जी हां पांच नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म और लैंगिक हमला करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल की अदालत ने 78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार आजीवन…