मध्यप्रदेश के देवास में प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में पदस्थ फिरोज खान के ठिकानों पर बुधवार सुबह 6 बजे इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने छापेमारी शुरू की। देवास और इंदौर के कुल 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की जानकारी है।
सुबह 6 बजे एक साथ 15 ठिकानों पर कार्रवाई
लोकायुक्त की टीम ने देवास में 11 और इंदौर में चार ठिकानों पर तलाशी ली। देवास के आदर्श नगर स्थित आवास के अलावा राधागंज, विजय नगर और पुष्पाकुंज कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की गई। कार्रवाई का उद्देश्य प्रधान आरक्षक की ज्ञात आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाना है।
वैध आय करीब 1.93 करोड़ रुपये आंकी गई
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार, फिरोज खान की वैध आय करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि लगभग 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी अब संपत्तियों के स्रोत और उनके अर्जन में इस्तेमाल किए गए धन की पड़ताल कर रही है। यह प्रारंभिक जानकारी है; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मां और पत्नी से जुड़ी फर्मों के लेन-देन की जांच
जांच के दौरान फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम से जुड़ी साहिल ट्रेडिंग कंपनी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इसके अलावा उनकी परिचित महिला रोशनी वर्मा की फर्म रोशनी सेल्स एंड सर्विस और रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट में निवेश तथा वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
जमीन, मकान और फ्लैट के दस्तावेज मिले
छापेमारी के दौरान कृषि भूमि, मकान, फ्लैट और प्लॉट से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी है। इनमें सांवेर के गुरान गांव में 21.75 बीघा जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। लोकायुक्त की टीमें इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और संबंधित बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच कर रही हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, उनके स्रोत और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभी सामने आए आंकड़े प्रारंभिक जांच से संबंधित हैं।





