रतनगढ़ लख्खी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, 3000 पुलिस जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान

By: Ravindra Singh

दतिया। दीपावली दौज के अवसर पर रतनगढ़ माता मंदिर में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध लख्खी मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। बुधवार को चंबल रेंज के डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों, सिंध नदी के घाटों और सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित विभागों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।

350 एकड़ में 22 पार्किंग स्थल, 50 किलोमीटर तक रोशनी की व्यवस्था

लख्खी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने करीब 350 एकड़ जमीन पर 22 पार्किंग स्थल तैयार किए हैं। मेला क्षेत्र में लगभग 50 किलोमीटर तक प्रकाश व्यवस्था की गई है, ताकि रात के समय भी श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दो सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से पूरे मेला क्षेत्र पर निगरानी रखी जाएगी। माता रानी और कुँवर बाबा महाराज के दर्शन के लिए अलग-अलग विशेष मार्ग बनाए गए हैं। वहीं बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएंगी।

सिंध नदी के घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, एंबुलेंस भी रहेंगी तैनात

मेले के दौरान सिंध नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए प्राथमिकता है। इसके लिए नदी के घाटों पर करीब एक किलोमीटर लंबा सुरक्षा जाल लगाया गया है। इसके अलावा नदी में चार मोटरबोट और बचाव दल की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक एक किलोमीटर पर एंबुलेंस तैनात करने की व्यवस्था की गई है। मेले की संपूर्ण व्यवस्थाओं के संचालन के लिए लगभग 2500 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी 3000 पुलिस जवान संभालेंगे।

9 नवंबर से नो व्हीकल जोन लागू, ओवरलोड वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध

श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। इसके तहत 9 नवंबर को दोपहर 12 बजे के बाद बसई मलिक के आगे नो व्हीकल जोन लागू रहेगा। इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की जाएगी। इसके साथ ही डबल ट्रॉली वाले ट्रैक्टर और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मेले से पहले सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से माता रानी के दर्शन कर सकें।

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