जमीन धंसने के डर से यात्री रुक नहीं रहे, टूटे घरों में क्यों लौटे लोग
जोशीमठ
जोशीमठ में रहने वालीं सुनैना अपने घर में खड़ी हैं। घर क्या है, खंडहर जैसा नजर आ रहा एक कमरा है। पता नहीं कब गिर जाए। दीवारों पर आधा फीट तक चौड़ी दरारें है। इस साल जनवरी में पहली दरार दिखी थी। फिर पूरा घर दरकने लगा। अफसरों को बताया तो बोले- आपके घर की हालत ठीक नहीं है, पर हम कुछ नहीं कर पाएंगे। दरारें बढ़ने लगीं, तो रातोंरात एक होटल में शिफ्ट कर दिया।
सरकार के मुताबिक, सुनैना के घर जैसे जोशीमठ में कुल 1049 घर हैं, जिनमें दरारें आईं हैं। 181 घर अनसेफ जोन में हैं यानी इनमें रहना खतरनाक है। इसकी शुरुआत 5 जनवरी को हुई थी, एक के बाद एक कई घरों में दरारें आने की खबरें आने लगीं।
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