यतीम बच्चों की शिक्षा को वक्फ बोर्ड का संबल,289 विद्यार्थियों की दी फीस

—डॉ. सनवर पटेल की पहल से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को जोड़ने का प्रयास
—वक्फ शाहजहांनी यतीम छात्रवृत्ति योजना के तहत 21.60 लाख रुपये वितरित
—मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोर्ड के कार्यों की सराहना कर दी शुभकामनाएं

शिक्षा किसी भी बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव होती है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां कई बार प्रतिभाशाली बच्चों की राह में बाधा बन जाती हैं। ऐसे में जरूरतमंद और यतीम बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देना केवल सहायता नहीं, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान देने की पहल है। मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड ने इसी उद्देश्य के साथ ‘पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ की शिक्षा नीति को आगे बढ़ाते हुए वक्फ शाहजहांनी यतीम छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 289 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप वितरित की। भोपाल स्थित वक्फ इदारा यतीमखाना शाहजहांनी परिसर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को चेक, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। बोर्ड की यह पहल जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को सहयोग देने के साथ समाज में शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता का संदेश भी देती है।

मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा केजी से 12वीं तक के चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। योजना के लिए यतीमखाना शाहजहांनी की संपत्ति के एक हिस्से से प्राप्त 21 लाख 60 हजार रुपये की वार्षिक किराया आय का उपयोग किया गया। विद्यार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया गया। इसके लिए समाचार पत्रों में दो बार विज्ञप्ति जारी कर आवेदन और चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इस व्यवस्था के जरिए वक्फ संपत्ति से प्राप्त आय को सीधे बच्चों की शिक्षा के लिए उपयोग करने का प्रयास किया गया है।

वक्फ की आय से बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल

डॉ. सनवर पटेल ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। छात्रवृत्ति वितरण की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग समाज के जरूरतमंद वर्गों के कल्याण और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकता है। खास तौर पर उन बच्चों के लिए यह सहयोग महत्वपूर्ण है, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई जारी रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वक्फ बोर्ड की इस पहल में सहायता के साथ सम्मान का भाव भी जुड़ा है। चयनित विद्यार्थियों को चेक के साथ स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित संदेश भेजकर मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी बेहतर कार्य करते रहने के लिए शुभकामनाएं दीं।
डॉ. पटेल ने अपने चार साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, अतिक्रमण पर नियंत्रण, पट्टा नियमों और किराया संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है। उनके मुताबिक, इन प्रयासों से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनसे प्राप्त होने वाली आय को जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि वक्फ बोर्ड के अधीन कार्यालय औकाफ-ए-आम्मा, भोपाल के माध्यम से बेवा पेंशन, गरीबों को आर्थिक सहायता, मस्जिदों और मदरसों को अनुदान तथा बच्चियों की शादी के अवसर पर विशेष सहायता जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों से प्राप्त संसाधनों को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि औकाफ-ए-आम्मा के अंतर्गत लगभग चार हजार किरायेदारी हैं। डॉ. पटेल ने किरायेदारों से समय पर निर्धारित किराया जमा करने की अपील करते हुए कहा कि किराया व्यवस्था सुचारू होने पर शिक्षा, आर्थिक सहायता और अन्य परोपकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। इससे समाज के बच्चों और बच्चियों को आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त सहयोग दिया जा सकेगा। यह पहल वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और सामाजिक दायित्व के बीच संबंध को भी सामने लाती है। संपत्तियों से प्राप्त आय का पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण उपयोग शिक्षा जैसी प्राथमिकताओं पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

शिक्षा के साथ संस्कार और कौशल विकास पर जोर

समारोह में काजी-ए-शहर रियासत भोपाल, काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने शिक्षा की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ कौशल विकास और चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बच्चों को समय का सदुपयोग करने, गलत गतिविधियों से दूर रहने और अपने माता-पिता तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा में गुणवत्ता हासिल करने के साथ अच्छे संस्कार और मजबूत चरित्र विकसित करना चाहिए, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की तरक्की में योगदान दे सकें। इस संदेश ने छात्रवृत्ति वितरण समारोह को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया।

कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एब्राहीम शेरानी, प्रदेश महामंत्री जावेद अख्तर, वसीमुद्दीन गुड्डू टायर, जिला वक्फ कमेटी भोपाल के अध्यक्ष इरशाद अंसारी, जिला हज कमेटी भोपाल के अध्यक्ष असलम इलियास, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रमीज कुरैशी, रिलायबल ग्रुप के अध्यक्ष सिकंदर मियां, औकाफ-ए-शाही के आजम मियां, यतीमखाना के अध्यक्ष शकील अनवर और सचिव मूसा सिद्दीकी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे

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