By: Ravindra Singh
इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक सोमवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर स्थित संत श्री रविदास महाराज सभागार में प्रारंभ हो गई है। संघ प्रमुख (सरसंघचालक) डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर औपचारिक शुभारंभ किया। 4 नवंबर तक चलने वाली इस बैठक में संगठन के विस्तार और शताब्दी वर्ष की भावी योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
देशभर से जुटे 400 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधि और पदाधिकारी
संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार के अनुसार, यह नियमित वार्षिक बैठक संघ के सांगठनिक ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें देशभर से लगभग 400 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में सह सरकार्यवाह, 11 क्षेत्रों के संघचालक और कार्यवाह के अलावा 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक व प्रचारक शामिल हुए हैं। साथ ही संघ के विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी उपस्थित हैं।
शताब्दी वर्ष, शाखा विस्तार और ‘पंच परिवर्तन’ की समीक्षा
इस उच्चस्तरीय बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। संगठन की योजना पूरे देश में शाखाओं का दायरा बढ़ाने, नियमित गतिविधियों को मजबूत करने और समाज के बीच ‘पंच परिवर्तन’ के पांच प्रमुख संकल्पों को तेजी से लागू करने पर केंद्रित है। इसके अलावा, विजयादशमी उत्सव के अवसर पर डॉ. मोहन भागवत द्वारा दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदुओं पर भी आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
तीन प्रमुख महापुरुषों व ऐतिहासिक घटनाओं पर जारी होंगे वक्तव्य
बैठक के दौरान सरकार्यवाह की ओर से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष वक्तव्य जारी किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय चेतना के वाहक राज नारायण बोस की 200वीं जयंती, अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद का बलिदान दिवस और ओडिशा के कंधमाल में जनजातीय कल्याण के लिए समर्पित रहे स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती का जीवन दर्शन शामिल है। इन विषयों के जरिए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।




