रामायण को अलग तरह से पेश करती है आदिपुरुष

स्टोरी
फिल्म में दिखाया गया है कि राघव (प्रभास), शेष (सनी सिंह) और जानकी (कृति सेनन) जंगल में अपना वनवास बिता रहे हैं। शूर्पनखा (तेजस्विनी पंडित) राघव को शादी का प्रपोजल देती है लेकिन राघव प्रपोजल को यह कहकर मना कर देते हैं कि वो विवाहित हैं। अपने अपमान का बदला लेने के उद्देश्य से शूर्पनखा लंकेश (सैफ अली खान) के पास जाती है। लंकेश जानकी का अपहरण कर लेता है। फिर कैसे राघव वानरों की सेना और बजरंग (देवदत्त नागे) की मदद से जानकी को लंकेश के चंगुल से छुड़ाते हैं। यही सब कुछ फिल्म में दिखाया गया है।

डायरेक्शन
फिल्म को डायरेक्ट ओम राउत ने किया है और उनका डायरेक्शन काफी निराशाजनक है। तानाजी जैसी फिल्म डायरेक्ट कर चुके ओम राउत ने ही या फिल्म डायरेक्ट की है, विश्वास ही नहीं होता। फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी फास्ट है और सिनेमेटोग्राफी ठीक है। फिल्म के वीएफएक्स काफी नकली लगते हैं। फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड म्यूजिक दोनों ही बढ़िया है। फिल्म की एडिटिंग और भी बढ़िया की जा सकती थी। फिल्म के डायलॉग काफी चीप हैं।

परफॉर्मेंस
परफॉर्मेंस की बात की जाए तो प्रभास ने औसत दर्जे का काम किया है। फिल्म में उनके एक्सप्रेशन उनकी डब की गई आवाज से नहीं मिलते। सैफ अली खान ने भी अपने अभिनय से निराश किया है। वो खुद को कई सीन्स से रिपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। जानकी के किरदार में कृति सेनन ने ठीक काम किया है लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ज्यादा नहीं है। देवदत्त नागे का भी अभिनय औसत दर्जे का है। वत्सल सेठ, सोनल चौहान और सनी सिंह ने भी ठीक काम किया है। तेजस्विनी पंडित ने भी ठीक काम किया है। फिल्म के बाकी कलाकारों का काम भी ठीक है।

क्यों देखें
ओम राउत निर्देशित आदिपुरुष रामायण पर आधारित फिल्म है लेकिन फिल्म में कई सारे बदलाव किए गए हैं। अब यह बदलाव क्यों किए गए हैं और इसके पीछे मेकर्स का क्या उद्देश्य था, इस बारे में तो मेकर्स ही अच्छे से बता पाएंगे। हां, इतना जरूर है कि अगर आपने टीवी पर रामायण देखा है तो आपको यह बदलाव बिलकुल भी पसंद नहीं आएगा। इसके अलावा अगर आपको रामानंद सागर निर्मित रामायण पसंद होगा तो आपको यह फिल्म बिलकुल भी पसंद नहीं आएगी।

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