समलैंगिक विवाह न कर पाने की निराशा में दो युवतियों ने की आत्महत्या

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र की आमगांव पहाड़ी पर मिले दो कंकालों की पहचान जागृति विश्वकर्मा और आरती विश्वकर्मा के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवतियां समलैंगिक विवाह करना चाहती थीं, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण यह संभव नहीं हो सका।  पुलिस के अनुसार, दोनों युवतियां 23 अक्टूबर को घर से लापता हो गई थीं। इसके पहले वे एक बार घर से भागकर एक रिश्तेदार के यहां भी गई थीं, लेकिन उन्हें समझा-बुझाकर घर वापस ले आया गया। दुलारदाई डोंगरी जंगल में ग्रामीणों ने पेड़ पर लटके हुए दो कंकाल देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कंकालों को बरामद किया। लंबे समय तक शव लटके रहने के कारण वे पूरी तरह कंकाल में बदल गए थे। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने दोनों की पहचान की। परिजनों और पुलिस का मानना है कि समाज और परिवार के दबाव के चलते समलैंगिक विवाह न कर पाने की निराशा में दोनों युवतियों ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अन्य संभावित पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।  

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