—सीएम ने शरद उत्सव में विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद,सहभागी छात्र को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन में आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के गायत्री धाम, कलाल्दा में आयोजित शरद उत्सव के दौरान विद्यार्थियों से ‘विकसित भारत का आधार’ विषय पर संवाद किया। उन्होंने संवाद में भाग लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल, संगीत और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों से उनकी सफलता, अनुभव और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
नीट में सफल रोहित को समाजसेवा की सीख
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, जामली के पूर्व छात्र रोहित बामनिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने नीट-2026 में सफलता हासिल कर शासकीय मेडिकल कॉलेज, नीमच में प्रवेश लिया है। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए चिकित्सक बनने के बाद सेवाभाव से काम करने और दूसरे विद्यार्थियों को भी मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया। रोहित ने बताया कि उनकी मेडिकल शिक्षा की फीस शासन द्वारा वहन की जा रही है।
आराधना और साक्षी की उपलब्धियों को सराहा
राष्ट्रीय कला उत्सव में शास्त्रीय एकल गायन में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कक्षा दसवीं की छात्रा आराधना तरोले ने गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने उनकी गायन प्रतिभा की सराहना की। वहीं, राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता की हाई जंप स्पर्धा में प्रथम स्थान हासिल करने वाली निवाली की छात्रा साक्षी भागले को ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीतने का भी उल्लेख किया।
समय प्रबंधन से लेकर करियर तक दिए मंत्र
कक्षा दसवीं की छात्रा किरण गिरासे ने स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और जेईई-नीट की निःशुल्क तैयारी जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इनका अधिकतम लाभ लेने को कहा। कक्षा सातवीं के कृष्णा चौहान के समय प्रबंधन संबंधी सवाल पर उन्होंने अगले दिन की दिनचर्या पहले से तय करने, नियमित स्वाध्याय करने और योग-प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षण, राजनीति और आधुनिक कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने राष्ट्रसेवा और दृढ़ संकल्प का महत्व समझाया। कार्यक्रम में निमाड़ी गायक तुलसीराम पटेल, वेदिका, गुरुकुल के विद्यार्थियों की गीता के 15वें अध्याय, गौमाता वंदना और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों की भी सराहना की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक श्याम बर्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार,सनातन संस्कृति,अनुशासन सिखाना जरूरी
—बड़वानी में बोले सीएम डॉ. मोहन यादव,आदिवासी अंचल में नशामुक्ति के लिए शिवपंथ समुदाय के प्रयास सराहनीय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, सनातन संस्कृति के मूल्य और अनुशासन सिखाना जरूरी है। संस्कारवान और चरित्रवान भावी पीढ़ी ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही सामाजिक बुराइयों को दूर कर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को बड़वानी में मीडिया से चर्चा के दौरान आदिवासी अंचल में शिवपंथ समुदाय द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आदिवासी क्षेत्र में रात्रि विश्राम का अवसर मिला। यहां महाराज बंशी और उनके अनुयायियों ने भगवान की भक्ति, महादेव की आराधना और नशामुक्ति के लिए जनजागरण के माध्यम से समाज सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। ऐसे प्रयास सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरणादायी हैं।
मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गायत्री धाम में बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कार एवं रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आश्रम में रात्रि विश्राम के दौरान प्रातः योगाभ्यास सहित विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ समाज में सकारात्मक चेतना विकसित करते हैं।
डॉ. यादव ने बड़वानी को निमाड़ का पेरिस बताते हुए कहा कि प्रवास के दौरान समाज निर्माण और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े प्रेरणादायी कार्यों को देखने का अवसर मिला। शरद पूर्णिमा से दीपावली तक का समय सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। ऐसे पर्व हमें सद्भाव, सेवा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक उत्थान और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयासरत है।





